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धार्मिक नियमों की उड़ाई धज्जियाँ! महाकालेश्वर मंदिर में सुरक्षा चूक: युवक ने बिना अनुमति गर्भगृह में प्रवेश किया, शिवलिंग को किया नमन…
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन के पवित्र महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार सुबह हुई एक घटना ने मंदिर प्रशासन और श्रद्धालुओं को हिला कर रख दिया। गर्भगृह में प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद, सुबह 8:24 बजे एक युवक बिना अनुमति के गर्भगृह में पहुंच गया। यह युवक शिवलिंग के पास जाकर नमन करता दिखाई दिया। मंदिर के पुजारी और कर्मचारी तुरंत सतर्क हुए और उसे बाहर निकाला गया।
आइए जानते हैं कि कैसे इस युवक ने सुरक्षा की पूरी व्यवस्था को चुनौती दी और महाकाल के गर्भगृह में जाकर शिवलिंग को छूकर नमन किया। मंदिर में पूजा चल रही थी, और तभी इस युवक ने ट्रैक सूट पहने हुए धावा बोल दिया। पुजारी और मंदिर कर्मचारी हड़बड़ाए और उसे गर्भगृह से बाहर निकाला।
यह घटना मंदिर के कर्मचारियों के लिए किसी गंभीर चूक से कम नहीं थी। इसकी जानकारी मिलते ही मंदिर प्रशासन ने दो कर्मचारियों को नोटिस जारी किया और सुरक्षा में तैनात गार्ड्स को सेवा से हटाने के आदेश दे दिए। युवक को महाकाल थाने भेजा गया है, लेकिन उसकी पहचान और इरादे अब तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं।
यह मामला इसलिए और गंभीर हो गया है क्योंकि महाकाल मंदिर में लाखों भक्त आते हैं। शिवलिंग के क्षरण की समस्या के चलते सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर मंदिर समिति ने आम श्रद्धालुओं के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक लगाई है। महाकाल लोक बनने के बाद यहां भक्तों की संख्या 20-30 हजार से बढ़कर डेढ़ से दो लाख तक हो गई है। भीड़ और सुरक्षा के कारण मंदिर समिति ने यह निर्णय लिया। इतना ही नहीं, जिओलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) की रिपोर्ट में भी यह बताया गया था कि शिवलिंग पर लगातार बढ़ती भीड़ से क्षरण हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार गर्भगृह में श्रद्धालुओं के प्रवेश को सीमित करने के सुझाव के बाद से यह प्रतिबंध लागू है।
लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या यह युवक अकेला था? खबर के मुताबिक, वह पहले एक महामंडलेश्वर के साथ अंदर गया था, और बाद में बिना किसी को बताए अकेला ही गर्भगृह में प्रवेश कर गया।
यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि 4 जुलाई 2023 में मंदिर ने गर्भगृह को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद कर दिया था, और तब से इस नियम को सख्ती से लागू किया गया था।
अब देखना यह होगा कि इस युवक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई क्या होती है, और क्या महाकाल मंदिर प्रशासन इस तरह की घटनाओं से सबक लेगा?